11/1/07

"दुनिया को शिकायत कि मैं ठहरा ना अभी तक ??
आवारगी तो यार!! मेरी आदतों में शामिल !!!'

'हम बेअदब हैं, हम पे ये इल्ज़ाम.. बेवजह है,
गिरतों को थामना तो मेरी फ़ितरतों में शामिल !!!'

'इस बार परिंदों का है.. कयाम मेरे दर पर,
गुलशन वो ख़ुश्बुओं का.. मेरी मेहनतों में शामिल !!!'

'फिर से मैं चल दिया हूँ, नयी मंज़िलों की जानिब,
ख़ुशियों का कारवाँ तो मेरी रुख़सतों में शामिल !!!'

'है ख़ुशफ़हम ये दिल.. कि सभी दोस्त हमसफ़र हैं,
रिश्तों की मिल्कियत तो मेरी गफलतों में शामिल !!!'

'अब क्या कहें कि किस तरह.. उनसे नज़र मिली थी??
दीवानगी तो यार!! मेरी हरकतों में शामिल !!!'

'क्या फ़र्क़ कि कुछ और दर्द.. मैं उधार ले लूँ ??
गैरों के ग़म सदा ही.. मेरी चाहतों में शामिल !!!'

'कितने ही तमाशे दिखे हैं.. जुल्मतों के लेकिन,
केवल खुदा का डर ही, मेरी दहशतों में शामिल !!!'

'बेरंग मौसमों में दख़ल..यार!! कुछ रखा है,
वो रंग फ़िज़ाओं का.. मेरी बरकतों में शामिल !!!'

'माना कि ये बदनाम दौर.. रंज़िशों का है पर,
उम्मीद के अशआर.. मेरी सोहबतों में शामिल...!!"
 

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